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Thursday, March 20, 2025

લાગણી નું ઝરણું

 


પોતાના મા-બાપની વાતો, લાગણી અને વ્યથા, પ્રેમ અને ચિન્તા, સંતાન ત્યારે સમજી શકે છે, જ્યારે પોતે મા-બાપ બની જાય..

પણ ત્યારે માફી નથી માંગી શકાતી.!

ફક્ત અફસોસ કરી શકાય છે..

કારણ કે, માફ કરવા વાળા મા-બાપે આ પૃથ્વી પર થી વિદાય લઇ લીધી હોય છે..

અને ક્રમ દરેક પેઢી માં ચાલુ રહે છે..

​(બાબા સંતપ્રતાપ )

 


Sunday, February 23, 2025

मृत्यु से पहले संसारी बंधन का तुटना जरुरी है


 मृत्यु से पहले संसारी बंधन का तुटना जरुरी है 


ईस पृथ्वी पर जन्म लेने वाले हर एक मनुष्य, सदाचारी हो या दुराचारी, सज्जन हो या दुष्ट, पुण्यात्मा हो या पापात्मा हो, पर हरेक मनुष्य को, उसकी मृत्यु से पहेले यह अनुभव जरूर ही कराया जाता है की यंहा सारे संबंध स्वार्थ के है, कोई भी उसका नही है, केवल और केवल भगवान ही उसे मदद कर शकता है, एक परम पिता परमात्मा के सिवा कोई भी उसका नही है... 

और तभी वो मृत्यु के नजदीक जाता है, और मृत्यु, जो इस जिवन का परम सत्य है, उसका स्वीकार कर शकता है जब तक मनुष्य को इस संसार में किसी के भी साथ माया का लगाव और बंधन है तब तक आत्मा देह से निकल नही शकती...

- बाबा संत प्रताप 


काल चक्र

  काल चक्र  यह पूरा संसार काल चक्र के घेरे में है, यहाँ कुछ भी कायम नहीं, कुछ भी स्थिर नहीं कुछ भी शाश्वत नहीं - ना सत्ता, ना संपत्ति ना श...