मृत्यु निश्चित है - संसार भ्रम है - मृत्यु निश्चित है
मनुष्य जन्म पिछले जन्मो के कर्म का हिसाब है, और इस जन्म में मिला स्वाभाव और संबंध उसी पर आधारित होता है...
यँहा से मिली सारी उपलब्धियाँ - पद, पैसा, प्रतिष्ठा, और परिवार, सब कुछ ईधर ही छोड़ना पड़ता है और अंत में आत्मा अकेली इस संसार से विदा लेती है, किन्तु जब तक यहाँ है बेहोश अवस्था में अपने कर्म किये जाता है और नये जन्म का आविष्कार कर लेता है -
