
जिवन के सारे रहस्य उस बात से जुड़ते है की आपका मन क्या सोचता है क्यूंकी मन की सोच विचार के रूप में पुरे ब्रह्मांड और पुरे अस्तित्व में समाहित हो जाती है, और वही ऊर्जा कहीं से टकरा कर वापस तुम तक पहुँच ही जाती है, और उसी को शास्त्र में कर्मा कहते है - क्यूंकि कोई भी कर्मा खाली नहीं जाता - वह चाहे बुरा कर्म हो या अच्छा कर्म हो - वो मनुष्य के जीवन में लौटता जरूर है
- - बाबा संत प्रताप
