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Tuesday, October 28, 2025

काल चक्र

 

काल चक्र 

यह पूरा संसार काल चक्र के घेरे में है, यहाँ कुछ भी कायम नहीं, कुछ भी स्थिर नहीं कुछ भी शाश्वत नहीं - ना सत्ता, ना संपत्ति ना शरीर ना सम्बन्ध ना स्वास्थ्य न रोग न शोक न आनन्द न प्रेम न धृणा न करुणा न भोग न भूख, न युवानी न वृद्धत्व न मृत्यु न दुःख न सुख - काल (समय) का पहिया हमेशा अपने साथ सब कुछ बहा के ले जाता है और मनुष्य कुछ भी नहीं कर शकता, बस खाली का खाली रह जाता है I


जो जन्मा है वो मरेगा जो बालक है वो युवा होगा जो युवा है वॉ वृद्ध होगा और जो वृद्ध है वो मृत्यु को प्राप्त हॉगा और जो मरेगा वो दूसरा जन्म लेगा -

Thursday, October 9, 2025

मृत्यु निश्चित है - संसार भ्रम है - मृत्यु निश्चित है

 मृत्यु निश्चित है - संसार भ्रम है - मृत्यु निश्चित है 


मनुष्य जन्म पिछले जन्मो के कर्म का हिसाब है, और इस जन्म में मिला स्वाभाव और संबंध उसी पर आधारित होता है...

 

यँहा से मिली सारी उपलब्धियाँ - पद, पैसा, प्रतिष्ठा, और परिवार, सब कुछ ईधर ही छोड़ना पड़ता है और अंत में आत्मा अकेली इस संसार से विदा लेती है, किन्तु जब तक यहाँ है बेहोश अवस्था में अपने कर्म किये जाता है और नये जन्म का आविष्कार कर लेता है

 

काल चक्र

  काल चक्र  यह पूरा संसार काल चक्र के घेरे में है, यहाँ कुछ भी कायम नहीं, कुछ भी स्थिर नहीं कुछ भी शाश्वत नहीं - ना सत्ता, ना संपत्ति ना श...